पीलीभीत: ब्रेकअप करना चाहती थी महिला, नहीं बनी बात तो प्रेमी की हत्या कर ट्रक में लगा दी आग, ऐसे खुला राज – pilkibhit nh 730 truck fire murder ammandeep kaur arrested balwinder singh pvzs


पीलीभीत में नेशनल हाईवे पर ट्रक में जिंदा जलने वाले चालक की मौत का मामला हादसा नहीं, बल्कि हत्या निकला है. पूरनपुर थाना क्षेत्र में 10 जुलाई की रात NH-730 पर एक ट्रक धू-धूकर जलता मिला था. आग बुझाने के बाद उसके केबिन से ट्रक मालिक और चालक बलविंदर सिंह का बुरी तरह जला हुआ शव बरामद हुआ था. शुरुआती तौर पर मामला सड़क हादसा या दुर्घटना जैसा लग रहा था, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस को हत्या का शक पैदा कर दिया था.

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला. इसके बाद सामने आया कि बलविंदर सिंह की एक महिला से पिछले 2-3 साल से प्रेम संबंध थे. पुलिस के मुताबिक, महिला अब इस रिश्ते को खत्म करना चाहती थी, लेकिन बलविंदर सिंह संबंध जारी रखने की जिद कर रहा था. इसी विवाद ने आखिरकार एक खौफनाक वारदात का रूप ले लिया.

10 जुलाई 2026 की रात पूरनपुर पुलिस को सूचना मिली कि बड़ी नहर और गुरुद्वारा धन्ना बाबा के पास NH-730 पर ट्रक नंबर JH02K9750 में भीषण आग लगी हुई है. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद ट्रक में लगी आग बुझाई गई. जब पुलिस ने ट्रक के केबिन की तलाशी ली, तो अंदर एक व्यक्ति का बुरी तरह जला हुआ शव मिला. शव की पहचान बलविंदर सिंह पुत्र दिलीप सिंह, निवासी ग्राम बड़ा बोसैना, थाना बिलासपुर, रामपुर के तौर पर हुई.

बलविंदर सिंह इस ट्रक का मालिक होने के साथ-साथ खुद ही चालक भी था. लाश की हालत इतनी खराब थी कि पहली नजर में यह घटना एक दर्दनाक सड़क हादसा या ट्रक में आग लगने की दुर्घटना लग रही थी. लेकिन घटनास्थल पर मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने पुलिस को मामले को सामान्य दुर्घटना मानने से रोक दिया. इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू कर दी.

मृतक के भाई गुरमीत सिंह की तहरीर पर पूरनपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस अधीक्षक पीलीभीत सुकीर्ति माधव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया. टीमों को घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए.

जांच के दौरान पुलिस ने हाईवे और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. इसके साथ ही सर्विलांस और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई गई. इसी जांच में पुलिस को एक महिला के बारे में अहम सुराग मिला. पुलिस की जांच धीरे-धीरे उस महिला तक पहुंच गई, जो घटना के समय बलविंदर के संपर्क में थी.

पुलिस ने 40 वर्षीय अमनदीप कौर उर्फ अमन को हिरासत में लेकर पूछताछ की. अमनदीप कौर, पत्नी सुखविंदर सिंह, मूल रूप से बिलासपुर, रामपुर की रहने वाली है और फिलहाल रुद्रपुर, उत्तराखंड की सोढ़ी कॉलोनी में रेलवे फाटक के पास रहती है. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बलविंदर सिंह के साथ पिछले 2-3 वर्षों से प्रेम संबंध होने की बात बताई.

पुलिस के अनुसार, अमनदीप अब इस रिश्ते को खत्म करना चाहती थी. दूसरी तरफ बलविंदर सिंह कथित तौर पर संबंध जारी रखने की जिद पर अड़ा हुआ था. 10 जुलाई को दोनों की मुलाकात पूरनपुर में बलविंदर के ट्रक में हुई. नेशनल हाईवे-730 पर ट्रक के केबिन में बातचीत के दौरान दोनों के बीच इसी मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ गया.

पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान अमनदीप कौर ने ट्रक के केबिन में रखी लोहे की रॉड उठाई और बलविंदर सिंह के सिर पर जोरदार वार कर दिया. हमले के बाद बलविंदर अचेत हो गया. इसके बाद महिला ने कथित तौर पर वारदात को दुर्घटना का रूप देने और सबूत मिटाने की योजना बनाई.

पुलिस के अनुसार, महिला ने ट्रक के केबिन में रखे डीजल को बलविंदर पर और आसपास उड़ेल दिया. इसके बाद उसने ट्रक के केबिन में आग लगा दी. आग तेजी से फैल गई और कुछ ही समय में पूरा केबिन आग की लपटों में घिर गया. पुलिस का दावा है कि गंभीर रूप से घायल और अचेत बलविंदर आग से बच नहीं सका और जलकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद अमनदीप कौर मौके से फरार हो गई. उसका कथित मकसद हत्या को सड़क हादसे या ट्रक में अचानक लगी आग जैसा दिखाना और वारदात से जुड़े सबूतों को नष्ट करना था. हालांकि, घटनास्थल की परिस्थितियों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस को मामला संदिग्ध लगा.

इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई. इन साक्ष्यों के आधार पर अमनदीप कौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पुलिस का कहना है कि पूछताछ में महिला ने हत्या की बात कबूल की और घटना के तरीके के बारे में जानकारी दी.

पुलिस ने मामले में हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड बरामद कर ली है. इसके अलावा डीजल का केन भी पुलिस ने कब्जे में लिया है. पुलिस का कहना है कि इन सामानों को मामले में अहम साक्ष्य माना जा रहा है. आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है.

पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक (SP) सुकीर्ति माधव ने बताया कि 10 जुलाई को हाईवे पर ट्रक में आग लगने की सूचना मिली थी और उसके केबिन से जला हुआ शव बरामद हुआ था. जांच के दौरान सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मृतक के एक महिला के साथ संबंध होने की जानकारी सामने आई. पूछताछ में महिला ने विवाद के बाद रॉड से हमला करने और डीजल डालकर आग लगाने की बात स्वीकार की है.

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस घटना को शुरुआत में ट्रक में आग लगने की दुर्घटना माना जा रहा था, उसके पीछे कथित तौर पर एक सोची-समझी हत्या की साजिश थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला प्रेम संबंध खत्म करना चाहती थी और इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था. विवाद के बाद सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया और फिर आग लगाकर हत्या को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई.

फिलहाल, पुलिस ने आरोपी अमनदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड और डीजल का केन भी बरामद कर लिया है. अब जांच में पुलिस अन्य परिस्थितिजन्य और तकनीकी साक्ष्यों को भी केस का हिस्सा बनाएगी. इस सनसनीखेज मामले ने हाईवे पर ट्रक में जलकर हुई बलविंदर सिंह की मौत की पूरी कहानी को ही बदल दिया है.

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