चीनी बेटिंग ऐप के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, कंटेंट क्रिएटर से अपहरण के बाद मारपीट, चार गिरफ्तार – mumbai content creator kidnapped over chinese betting app videos powai police pvzs


मुंबई में सोशल मीडिया पर चीनी बेटिंग ऐप के खिलाफ लगातार वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक करने वाले 28 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर चेतन देओलकर को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. आरोप है कि उन्हें मीटिंग के बहाने पवई बुलाया गया, जहां से उनका अपहरण कर लिया गया. इसके बाद उन्हें एक चलती हुई SUV में करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया. देर रात उन्हें नवी मुंबई के कलांबोली इलाके में छोड़ दिया गया. इस सनसनीखेज मामले में पवई पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस के मुताबिक, चेतन देओलकर विक्रोली के रहने वाले हैं और पेशे से फिल्ममेकर व कंटेंट क्रिएटर हैं. 26 जुलाई को उन्हें पवई के पंचकुटीर इलाके में बातचीत के बहाने बुलाया गया था. जैसे ही वो वहां पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें जबरन एक SUV में बैठा लिया. इसके बाद वाहन कई घंटों तक मुंबई और आसपास के इलाकों में घूमता रहा, जबकि कार के अंदर लगातार उनके साथ मारपीट की जाती रही. रात करीब 11:35 बजे आरोपियों ने उन्हें कलांबोली में छोड़ दिया.

पीड़ित ने पहले अपना इलाज कराया और फिर पवई पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस का कहना है कि घटना के वक्त चेतन काफी डरे हुए थे, इसलिए पहले उन्होंने मेडिकल ट्रीटमेंट कराया. शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब तीन अन्य अज्ञात आरोपियों की भी तलाश कर रही है, जिनका नाम एफआईआर में शामिल है.

गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त विक्रोली निवासी यश बबारे, पुणे निवासी प्रतीक शिंदे, सतारा निवासी अनिकेत गोडसे और पुणे निवासी समीर कुचेकर उर्फ एसके के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार सबसे पहले यश बबारे को विक्रोली से गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ के दौरान उसी की निशानदेही पर बाकी तीन आरोपियों को भी पकड़ लिया गया. पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है.

जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर एक चीनी बेटिंग ऐप का प्रचार करने के लिए सोशल मीडिया पर रील बनाते थे. वहीं चेतन देओलकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए ऐसे बेटिंग ऐप्स के खिलाफ वीडियो बनाकर लोगों को सतर्क करते थे. आरोपियों को उनके ये वीडियो पसंद नहीं थे और वे लगातार इसका विरोध कर रहे थे. इसी विवाद ने बाद में अपहरण और मारपीट जैसी गंभीर वारदात का रूप ले लिया.

एफआईआर के मुताबिक चेतन देओलकर पिछले करीब आठ महीने से इंस्टाग्राम पर काउंटर रील्स बनाकर लोगों को बेटिंग ऐप्स के खतरों के बारे में जागरूक कर रहे थे. वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्ममेकिंग और अन्य कंटेंट के साथ-साथ बेटिंग ऐप्स के प्रचार का विरोध भी करते थे. उनका कहना है कि कुछ प्रसिद्ध सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर चीनी बेटिंग ऐप डाउनलोड कराने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे थे, जिसे वह गलत मानते थे और इसलिए उसके खिलाफ लगातार वीडियो बनाते थे.

चेतन ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी प्रतीक शिंदे भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से कथित तौर पर उसी बेटिंग ऐप का प्रचार कर रहा था. चेतन ने उसकी रील्स और स्टोरी को रोस्ट करते हुए कई वीडियो बनाए थे. इसी वजह से दोनों के बीच विवाद बढ़ गया. पुलिस का मानना है कि इसी बात को लेकर प्रतीक शिंदे ने चेतन के खिलाफ दुश्मनी पाल ली थी और बाद में अपहरण की साजिश रची.

एफआईआर में चेतन ने दावा किया है कि करीब पांच से छह महीने पहले अनिकेत नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें इंस्टाग्राम पर कॉल कर धमकी दी थी. उसने चेतावनी दी थी कि प्रतीक शिंदे की बेटिंग ऐप से जुड़ी रील्स और स्टोरी को रोस्ट करना बंद कर दें. हालांकि चेतन ने धमकी के बावजूद अपने वीडियो बनाना जारी रखा, क्योंकि उनका मानना था कि बेटिंग ऐप्स का प्रचार समाज के लिए नुकसानदायक है.

पुलिस जांच में सामने आया कि 26 जुलाई को सुबह करीब 11:30 बजे चेतन को जबरन SUV में बैठाया गया. उन्हें आगे और पीछे की सीट के बीच बैठाकर रखा गया ताकि वे बाहर नहीं निकल सकें. जब उन्होंने मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की तो एक आरोपी ने पैर से उनका गला दबा दिया. वहीं दूसरे आरोपी ने चाकू निकालकर पेट में घोंपने की धमकी दी. पुलिस के मुताबिक, समीर कुचेकर ने भी उनके साथ मारपीट की.

वारदात के दौरान आरोपियों ने लगातार चेतन से उनके वीडियो को लेकर सवाल किए. एफआईआर के अनुसार आरोपियों ने कहा, ‘हमारी बेटिंग ऐप के खिलाफ वीडियो क्यों बनाते हो? अगर प्रचार करना है तो करो, लेकिन हमारे खिलाफ क्यों?’ कई घंटों तक चली मारपीट के बाद चेतन ने अपनी जान बचाने के लिए आरोपियों से कहा कि वह आगे उनके खिलाफ कोई रील नहीं बनाएंगे. इसके बाद देर रात उन्हें कलांबोली में छोड़ दिया गया.

पवई पुलिस अब सिर्फ अपहरण और मारपीट के मामले की ही नहीं, बल्कि कथित चीनी बेटिंग ऐप नेटवर्क की भी जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस ऐप का प्रचार करने वाले लोग किन लोगों से जुड़े हैं और इसमें अन्य कौन-कौन शामिल हैं. साथ ही एफआईआर में नामजद तीन अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है.

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