TMC नेता काजल घोष गिरफ्तार, 72 साल की महिला की जमीन पर कब्जे का आरोप – tmc leader KAJAL GHOSH arrested in darjeeling in alleged land forgery case involving elderly womans property NTC AKTW


पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता काजल घोष की रविवार रात गिरफ्तारी हुई है. दार्जिलिंग जिला पुलिस ने उन्हें कथित जमीन फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया है. काजल घोष TMC के पूर्व बूथ अध्यक्ष भी रह चुके हैं. गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

दरअसल, यह मामला एक 72 साल की महिला की जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है. सरकारी वकील सौमित्र सिन्हा सरकार ने बताया कि महिला की जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा किया गया था. यह जमीन उसे 1980-81 में तत्कालीन CPI(M) सरकार के समय आवंटित की गई थी.

मामले की जांच के दौरान जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई. आरोप है कि दबाव या फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव किया गया. पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है.

सरकारी जमीन अपने नाम कराने का आरोप

ACJM कोर्ट में सरकारी पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपी काजर घोष का प्रभाव काफी ज्यादा है. आरोप है कि उसके प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए (वेस्टेड लैंड) सरकारी जमीन के एक हिस्से को उसके नाम पर म्यूटेशन कराया गया.

म्यूटेशन यानी जमीन के सरकारी रिकॉर्ड में मालिक या अधिकार रखने वाले व्यक्ति का नाम दर्ज करना होता है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव कैसे किया गया. इसके लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ. इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी भी जांच हो रही है.

काजल घोष को मामले की FIR और जांच से जुड़े तथ्यों के आधार पर कोर्ट में पेश किया गया. सरकारी पक्ष ने कहा कि जांच के दौरान कुछ अहम सबूत सामने आए हैं. मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है. इसके चलते अदालत से पुलिस हिरासत की मांग की गई.

कोर्ट ने काजल घोष को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. अब पुलिस उनसे पूछताछ करेगी. जमीन के दस्तावेजों और रिकॉर्ड में कथित बदलाव को लेकर भी जानकारी जुटाई जाएगी.

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FIR में पत्नी का नाम भी शामिल

इस मामले में काजल घोष की पत्नी का नाम भी FIR में दर्ज है. उन्हें मामले में दूसरा आरोपी बताया गया है. सरकारी वकील का कहना है कि उनकी पत्नी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुई हैं. बताया गया है कि वह फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने या जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव में उनकी क्या भूमिका थी. जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और लोगों से भी पूछताछ हो सकती है.

पुलिस के सामने अब जमीन के मूल दस्तावेज, सरकारी रिकॉर्ड और म्यूटेशन से जुड़े कागजात की जांच सबसे अहम है. जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि 72 साल की महिला की जमीन पर कथित कब्जा कैसे हुआ.

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फिलहाल काजल घोष पर लगे आरोप जांच के दायरे में हैं. कोर्ट में आरोप साबित होना अभी बाकी है. पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी.

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