JCB-ग्रिल मशीन टूटी… टस से मस नहीं हुए बजरंग बली, लोग बोले- ये है हनुमान जी की ताकत – power of hanuman ji Grills machines and JCBs damaged while removing bajarang bali statue Ujjain gods news video lcly


उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण का काम आस्था के सवाल से जुड़ गया है. यहां कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आए प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर का भवन तो प्रशासन ने हटा दिया, लेकिन जब हनुमान प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश हुई तो मामला अटक गया. हिंदू संगठनों और स्थानीय श्रद्धालुओं का दावा है कि कई कोशिशों के बावजूद प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई.

लोगों ने कहा ये बजरंग बली की ताकत
जानकारी के मुताबिक प्रतिमा को हटाने के लिए मशीनों की मदद ली गई. हिंदू संगठनों का दावा है कि JCB और ग्रिल मशीन से भी प्रतिमा को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रतिमा नहीं हिली और मशीनों को नुकसान पहुंच गया. इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इसे बजरंग बली की ताकत बताया. हालांकि, मशीनों के डैमेज होने और प्रतिमा के न हिलने के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

मंगलवार शाम इसी मुद्दे को लेकर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुटे. ढोल-ताशे और मंजीरों के साथ महाआरती की गई. श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रशासन से मांग की कि सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाए, लेकिन हनुमान प्रतिमा को उसकी मौजूदा जगह से नहीं हटाया जाए.

इसलिए किया जा रहा चौड़ीकरण 
सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है. इसी के तहत कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क को चौड़ा किया जाना है. मंदिर का भवन सड़क की जद में आने के कारण उसे तोड़ दिया गया. फिलहाल हनुमान प्रतिमा को टेंट लगाकर सुरक्षित रखा गया है.

प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित तरीके से विस्थापित करना जरूरी है. नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर के मुताबिक प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए विशेषज्ञों की मदद से तकनीकी विकल्प तलाशे जा रहे हैं. वहीं, हिंदू संगठनों का कहना है कि जब कई प्रयासों के बाद भी प्रतिमा नहीं हिली तो उसे हटाने की जरूरत पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण जरूरी है, लेकिन इसके लिए आस्था से जुड़े स्थान का भी सम्मान होना चाहिए.
 

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