BP और कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने पर भी क्यों आ सकता है हार्ट अटैक? जानिए यह एक टेस्ट कराना क्यों है जरूरी – Heart attack risk lipoprotein a test genetic cholesterol prevention Tvisa


अगर आपका ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है तो भी हार्ट अटैक आने का खतरा है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हार्ट अटैक आने के पीछे केवल बीपी और कोलेस्ट्रॉल ही जिम्मेदार नहीं होते. कुछ जेनेटिक फैक्टर भी दिल की नसों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे हार्ट की नसों में प्लाक जम सकता है. जिससे हार्ट अटैक आ जाता है. ऐसे में सभी लोगों के लिए जीवन में एक बार इसकी समय पर जांच जरूर करा लें.  

मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार बताते हैं कि भारतीयों में कोलेस्ट्रॉल या बीपी अगर नॉर्मल है तो भी यह गारंटी नहीं है कि हार्ट अटैक नहीं आएगा. अटैक आने के कई दूसरे फैक्टर भी हैं. अगर किसी के शरीर में लिपोप्रोटीन (ए) बढ़ा हुआ है तो भी हार्ट अटैक आ सकता है. आमतौर पर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है. 

डॉ. तरुण कुमार बताते हैं कि भारतीयों में लिपोप्रोटीन (ए) का लेवल सामान्य से अधिक पाया जा सकता है. यह एक तरह का जेनेटिक कोलेस्ट्रॉल है, जो माता-पिता से विरासत में मिलता है. अगर इसका लेवल बढ़ा हुआ है तो फिर हार्ट अटैक का रिस्क हो सकता है.

लिपोप्रोटीन (ए) हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ाता है?

अगर शरीर में लिपोप्रोटीन (ए)  का लेवल बढ़ा हुआ है, तो यह हार्ट की नसों में प्लाक जमा होने का कारण बन सकता है. इसके कारण हार्ट की नसें संकरी होने लगती हैं और उनमें खून का थक्का बनने का खतरा बढ़ जाता है. इससे बाद में हार्ट अटैक का खतरा रहता है. ऐसे में इसकी समय पर जांच कराना और इसको कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है. 

लिपोप्रोटीन की जांच इसलिए भी जरूरी है क्योंकि भारतीयों में लगभग हर 4 में से 1 व्यक्ति का लिपोप्रोटीन बढ़ा हुआ हो सकता है. यह आंकड़ा PUDMED की रिसर्च में बताया गया है. रिसर्च में कहा गया है कि कई बार BP और सामान्य कोलेस्ट्रॉल ठीक होने के बावजूद सिर्फ बढ़ा हुआ Lp(a) भी हार्ट अटैक की वजह बनता है.
 

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कैसे होता है लिपोप्रोटीन (ए) टेस्ट

डॉ तरुण बताते हैं कि जीवन में एक बार लिपोप्रोटीन (ए)टेस्ट करा लेना चाहिए.  इसको सिर्फ एक बार इसलिए कराना होगा है क्योंकि यह एक जेनेटिक पैरामीटर है, इसलिए इसका लेवल जीवनभर लगभग स्थिर रहता है.अगर शुरुआती जांच में यह बढ़ा हुआ मिलता है, तो डॉक्टर उसी के मुताबिक ट्रीटमेंट का प्लान तैयार कर सकते हैं. 

डॉ तरुण बताते हैं कि लिपोप्रोटीन (ए) टेस्ट भी एक ब्लड टेस्ट ही है. इसमें खाली पेट होने की जरूरत नहीं रहती है.भारत में इसकी कीमत 800 से लेकर 2000 रुपये तक हो सकती है. रेट अलग- अलग लैब पर निर्भर करता है. सरकारी अस्पतालों में भी यह टेस्ट कराया जा सकता है. 

भारतीयों को क्यों रहना चाहिए ज्यादा सतर्क?

डॉ तरुण बताते हैं कि अब भारतीयों में कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले आ रहे हैं. 25 से लेकर 35 की उम्र वालों में भी केस देखे जा रहे हैं. इसकी एक बड़ी वजह बदलती लाइफस्टाइल है. खानपान भी पहले की तुलना में काफी खराब हो गया है. फास्ट फूड लोग ज्यादा खा रहे हैं. नींद सही नहीं ले रहे हैं और मानसिक तनाव में रहते हैं. यह सभी चीजें कम उम्र में हार्ट अटैक आने का कारण बन रही है.

हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें

जीवन में एक बार  लिपोप्रोटीन (ए) टेस्ट जरूर करा लें

ब्लड शुगर और डायबिटीज को कंट्रोल में रखें

रोजाना कम से कम 30–45 मिनट व्यायाम करें

मानसिक तनाव न लें 

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