Bathroom Towel: रोजाना नहाने के बाद शरीर को पोंछने के लिए हम जिस तौलिये का इस्तेमाल करते हैं, उसे लेकर अक्सर हम बहुत लापरवाह होते हैं. स्वास्थ्य और हाइजीन एक्सपर्ट्स के अनुसार, नहाने वाले बाथ टॉवल को हर तीन से चार बार इस्तेमाल करने के बाद धो लेना चाहिए.
भले ही नहाने के बाद शरीर साफ दिखता हो लेकिन जब हम तौलिए से शरीर पोंछते हैं तो शरीर की मृत त्वचा कोशिकाएं पसीना और बॉडी ऑइल्स तौलिए के रेशों में चिपक जाते हैं. तौलिए में मौजूद नमी के कारण बैक्टीरिया, फंगस और यीस्ट जैसे सूक्ष्मजीव बहुत तेजी से पनपने लगते हैं.
पुराना और गंदा तौलिया इस्तेमाल करने के नुकसान
गंदे और पुराने तौलिए का इस्तेमाल करने से चेहरे पर एक्ने, पिंपल्स, फोड़े-फुंसी और फंगल इंफेक्शन (जैसे दाद, खाज या खुजली) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
एलर्जी और बदबू: पुराने तौलिये से एक अजीब सी सीलन और फफूंद की बदबू आने लगती है, जो सांस के जरिए एलर्जी या छींक का कारण बन सकती है.
सोखने की क्षमता खत्म होना: समय के साथ तौलिए के रेशे कड़े हो जाते हैं और उसकी पानी सोखने की क्षमता कम हो जाती है.
तौलिए की लाइफ बढ़ाने और हाइजीन रखने के आसान उपाय
एक तौलिए को अधिकतम 3 से 4 बार इस्तेमाल करने के बाद धो लेना चाहिए.
हर बार इस्तेमाल के बाद तौलिए को खुली हवा या धूप में अच्छी तरह फैलाकर सुखाएं, गीला तौलिया कभी भी फोल्ड करके न रखें.
हफ्ते में कम से कम एक बार तौलिए को गर्म पानी और अच्छे डिटर्जेंट से धोएं ताकि उसमें मौजूद कीटाणु नष्ट हो जाएं.
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