सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा नेपाल की तबाही का मंजर, बह गए पुल, उजड़ गए घर – nepal flood satellite images damage bridges homes hydropower projects ntc


नेपाल में आई बाढ़ ने कई इलाकों का पूरा नक्शा बदल दिया. नदियों के तेज बहाव ने पुलों, सड़कों, घरों और पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है. अब 30 से ज्यादा सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से इस तबाही की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो जमीन पर हुए नुकसान का अंदाजा देती है.

इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने बाढ़ से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों की तुलना की.

इसके लिए Vantor और Planet Labs PBC की तस्वीरों के साथ सरकारी आंकड़ों को भी देखा गया. तस्वीरों में भोटे कोशी-त्रिशूली नदी कॉरिडोर में बड़े पैमाने पर तबाही की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं.

16 पुलों की तस्वीरों ने दिखाई बाढ़ की त्रासदी

विश्लेषण में 16 पुलों पर बाढ़ का खासा प्रभाव देखने को मिसा. स्याब्रुबेसी के आसपास तीन पुल पूरी तरह बह गए, जबकि बिदुर के आसपास आठ और बेत्रावती बाजार के पास दो पुलों को नुकसान पहुंचा. तीन अन्य क्रॉसिंग में भी नुकसान के संकेत मिले.

Nepal Flood Damage

सरकार के मुताबिक, नुकसान इससे भी ज्यादा बड़ा है. सड़क विभाग के प्रमुख बिजय जैशी ने बताया कि 41 पुल और करीब 42 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई हैं.

Nepal Flood Damage

नेपाल के शुरुआती आकलन में कुल बुनियादी ढांचे का नुकसान करीब 200 अरब नेपाली रुपये बताया गया है.

पावर प्रोजेक्ट भी बाढ़ की चपेट में

त्रिशूली नदी का इलाका नेपाल के लिए बिजली के लिहाज से बेहद अहम है. सैटेलाइट मैपिंग में इस कॉरिडोर की सात बड़ी पनबिजली परियोजनाएं सामने आईं. इनमें 111 मेगावाट की रसुवागढ़ी परियोजना भी शामिल है. इन तस्वीरों में प्लांट के आसपास का बड़ा हिस्सा मलबे और बाढ़ के निशान से ढका हुआ नजर आया.Nepal Flood Damage

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नेपाल विद्युत प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ से 11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और एक सोलर प्लांट प्रभावित हुए हैं। इनसे कुल 431.1 मेगावाट बिजली राष्ट्रीय ग्रिड से बाहर हो गई. ये तबाही सिर्फ पुल और बिजली परियोजनाओं तक सीमित नहीं रही. स्याब्रुबेसी में नदी किनारे मौजूद 192 संरचनाओं में से 114 के क्षतिग्रस्त या बह जाने के संकेत मिले. कई जगहों पर जहां पहले घरों की कतार थी, वहां अब नदी और मलबे का फैलाव नजर आ रहा है.

और खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है. चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने ऊपर की ओर बनी एक नई बैरियर झील के टूटने की आशंका जताई है. पानी बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में नेपाल के लिए एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है.

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