रांची के छात्रों को मिला ‘कॉकरोचों’ का साथ, देवेंद्रनाथ महतो से मिला डेलिगेशन – jharkhand student protest cjp delegation reach ranchi extended support ntc aktw


झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब और तेज हो गया है. इस विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी CJP का एक प्रतिनिधिमंडल रांची में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा. CJP ने  छात्रों के प्रति पूरी एकजुटता की घोषणा की. पार्टी ने साफ किया है कि वह इस आंदोलन में छात्रों को हरसंभव मदद देंगे.

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन के बीच CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी पूरी दृढ़ता के साथ छात्रों के साथ खड़ी है. मुकेश और अक्षय शिंदे के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रांची पहुंचा है, ताकि चल रहे इस आंदोलन के दौरान छात्रों की हरसंभव मदद की जा सके. पार्टी का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब विभिन्न छात्र संगठन सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं.

सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत बेनतीजा
इस बीच, झारखंड सरकार ने बढ़ते विरोध को शांत करने के लिए शनिवार को कई छात्र समूहों के साथ बैठक की.

राज्य के मंत्रियों वाली पांच सदस्यीय समिति ने सबसे पहले जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की, जो सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इसके बाद समिति ने कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई NSUI, ACS और जेसीएम JCM के प्रतिनिधियों के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं.

शुक्रवार रात जेपीएससी/जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की गई थी. सरकारी समिति के सदस्य और राज्य के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगें जायज हैं और इन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखा जाएगा.

छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से किया इनकार

सरकार की वार्ताओं और आश्वासनों के बावजूद, प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है. जेपीएससी-जेएसएससी कैंडिडेट्स फोरम के प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार ने जल्द फैसला लेने का आश्वासन जरूर दिया है, लेकिन जब तक 14वीं झारखंड पीसीएस सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने समेत सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

विभिन्न छात्र संगठनों ने सरकार के सामने अलग-अलग मांगें रखी हैं. जेसीएम ने परीक्षा रद्द करने की मांग की है, तो वहीं एनएसयूआई ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की 90 दिनों के अंदर सीबीआई/सीआईडी जांच और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की तर्ज पर ‘झारखंड टेस्टिंग एजेंसी JTA के गठन की मांग उठाई है.

आदिवासी छात्र संघ ने क्षेत्रीय भाषाओं को क्वालीफाइंग पेपर में शामिल करने और गड़बड़ी वाली परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है.

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CJP बोली-हम अंत तक छात्रों की इस लड़ाई में साथ हैं

रांची में छात्रों के बीच पहुंचकर CJP नेताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारा यही कहना है कि हम झारखंड के बच्चों के साथ पूरी तरह से खड़े हैं. कॉकरोच जनता पार्टी पूरी तरह से उनके साथ है. सीजेपी की यही लड़ाई है. हमारा कोई पॉलिटिकल ग्रुप नहीं है, जहां कहीं भी छात्रों के साथ अन्याय होता है, जहां उनके हक और अधिकार छीने जाते हैं, वहां हम रहेंगे.

पार्टी ने आगे कहा कि आज हालात यह हैं कि परीक्षाओं में धांधली हो रही है, पेपर लीक हो रहे हैं और नौकरियों के लिए बोली लग रही है. बच्चों को पहले भर्ती के लिए संघर्ष करना पड़ता है, फिर आंसर की के लिए और बार-बार नियम बदलने से परेशान होना पड़ता है.

CJP ने आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर के आंदोलन से जो अनुभव उन्होंने सीखा है, उसे यहां साझा किया जाएगा और वे मंच से नहीं बल्कि मंच के नीचे से छात्रों का समर्थन करेंगे.

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