योग केंद्र, रहस्यमयी बक्सा और QR Code… चढ़ावा चोरी केस में नया ट्विस्ट – Ram Mandir donation theft new twist Kosh box found at yoga center Avinash and Abhishek stolen unique technic lcly


राम मंदिर चढ़ावा चोरी में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 8 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. इसी से जुड़ा प्रमुख आरोपी अविनाश शुक्ल कौशलपुरी के एक प्रतिष्ठित योग केंद्र में अपने भाई अभिषेक के साथ निवास करता था. आज तक जब योग केंद्र मौके पर पहुंचा तो यहां एक रहस्यमी बक्सा पाया, जिस पर राम राज्य कोश और राम राज्य प्रशासन के साथ पेटीएम (paytm) का क्यूआर कोड लगा हुआ है. आज तक ने अपने पेटीएम से क्यूआर को स्कैन किया तो राम राज्य कोश में पैसा जाने का ऑप्शन दिखाई दिया.

सवाल? योग केंद्र में क्या कर रहा था बक्सा
अब सवाल यह है कि आखिर यह बक्सा यहां क्या कर रहा है? क्या पुलिस ने नकदी इसी बक्से से बरामद की और क्या कोश के यह बक्सा यहां रखने का सही स्थान था? मामला खुलने के मात्र 12 घंटे के भीतर नित्य योगाभ्यासियों ने दोनों को केंद्र से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

योग केंद्र से बरामद हुआ राम राज्य कोश का बक्सा. (photo: ITG)

यह योग केंद्र वर्षों से संचालित है. दर्जनभर साधकों के नेतृत्व में केंद्र पर नित्य सुबह और शाम की पाली में लोगों को योग के आसन व प्राणायाम सिखाए जाते हैं. अविनाश का भाई अभिषेक ही उसे यहां लेकर आया था. योग केंद्र के व्यवस्थापकों की सूची में भी इसका नाम दर्ज है. ये मूलतः प्रतापगढ़ के निवासी बताए गये. अभिषेक पेशे से शिक्षक है.

झोला भरकर बरामद हुई थी धनराशि
5 जून को जब चढ़ावा चोरी की पहली कड़ी खुली तो उसी रात श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के इशारे पर पुलिस ने योग केंद्र पर छापेमारी की थी. यहां झोला भर कर धनराशि बरामद हुई थी. सुबह जब इसकी सूचना नित्य साधकों को लगी तो वहां निवास कर रहे अविनाश के भाई अभिषेक से उसके आवासीय प्रखंड को खाली कराकर उसमें ताला जड़ दिया गया, फिर अभिषेक वहां से अन्यत्र चला गया.

अविनाश के जेल जाने के बाद उसके भाई अभिषेक को भी पुलिस दो दिन पूर्व योग केंद्र लेकर गई और जांच पड़ताल की. अविनाश की करतूत से कालोनी वासी भी हतप्रभ व अवाक हैं. सीमा तिवारी योगाचार्य ने बताया कि अविनाश का भाई अभिषेक 10 साल से यहां रहता था. अच्छा लड़का था नौकरी लगने के बाद वह अपने भाई को भी लेकर आया. अविनाश शुक्ला, वो नज़रे भी नहीं मिलाता था, लगता था कि कुछ गड़बड़ है. यहां से पुलिस ने 5 लाख भी रिकवर किए. हम चाहते हैं उसे कड़ी सजा मिले. 

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