योगी सरकार का बड़ा दांव: 1000 से अधिक पदों पर होंगी नियुक्तियां, 80 से अधिक नाम पर बनी सहमति  – up yogi government political appointment sc st minority commission board corporation 80 name final utrat lclg


उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. राज्य के विभिन्न आयोगों, निगमों और बोर्डों में लंबे समय से खाली पड़े राजनीतिक पदों पर जल्द नियुक्तियां होने की संभावना है. सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन के बीच कई दौर की बैठकों और मंथन के बाद प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अंतिम मंजूरी मिलते ही पहली सूची जारी की जा सकती है.

सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में अनुसूचित जाति (एससी) आयोग, अल्पसंख्यक आयोग समेत चार से पांच प्रमुख आयोगों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी. इसके बाद अन्य बोर्डों, निगमों और आयोगों में भी रिक्त पदों को भरा जाएगा. सरकारी सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से सरकार और भाजपा संगठन के बीच संभावित नामों पर लगातार विचार-विमर्श चल रहा था. हाल ही में हुई बैठकों में संभावित उम्मीदवारों के पैनल की स्क्रीनिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि 80 से अधिक प्रमुख नामों पर सहमति बन चुकी है. अब केवल अंतिम औपचारिक मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिलते ही नियुक्तियों की पहली सूची जारी हो सकती है.

कई अहम आयोगों में लंबे समय से खाली हैं पद

प्रदेश में कई महत्वपूर्ण आयोगों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य पद लंबे समय से रिक्त हैं. इनमें सबसे प्रमुख अनुसूचित जाति (एससी) आयोग और अल्पसंख्यक आयोग शामिल हैं. इन आयोगों में नियुक्तियां नहीं होने के कारण कई मामलों के निस्तारण और प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ रहा है. इसके अलावा बाल आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल भी जल्द समाप्त होने वाला है, जबकि आयोग के कई सदस्य पद पहले से ही खाली पड़े हैं. ऐसे में सरकार एक साथ कई आयोगों में नई टीम नियुक्त करने की तैयारी कर रही है.

पहले चरण में चार से पांच आयोगों पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक, सरकार चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां करेगी. पहले चरण में चार से पांच प्रमुख आयोगों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की घोषणा की जाएगी. इसके बाद अन्य आयोगों, बोर्डों और निगमों में भी रिक्त पदों पर नियुक्तियां होंगी. इस रणनीति का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को गति देना और लंबे समय से खाली पड़े संवैधानिक एवं अर्ध-सरकारी निकायों को सक्रिय करना माना जा रहा है.

1000 से अधिक पदों पर हो सकती हैं नियुक्तियां

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में विभिन्न निगमों, बोर्डों और आयोगों में **1000 से अधिक राजनीतिक पद** रिक्त हैं. इनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और अन्य नामित पद शामिल हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इन पदों पर नियुक्तियों की अधिसूचना चरणबद्ध तरीके से जारी की जा सकती है. इससे लंबे समय से लंबित राजनीतिक नियुक्तियों का रास्ता साफ हो जाएगा. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले होने वाली ये नियुक्तियां भाजपा संगठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होंगी. पार्टी लंबे समय से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं और नेताओं को विभिन्न आयोगों और निगमों में जिम्मेदारी देने की तैयारी में है. इन नियुक्तियों के जरिए संगठन में सक्रिय रहे नेताओं को नई भूमिका मिल सकती है. इससे संगठनात्मक संतुलन बनाने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास भी किया जा सकता है.

सामाजिक समीकरणों पर रहेगा विशेष ध्यान

राजनीतिक नियुक्तियों में सरकार आमतौर पर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का भी ध्यान रखती है. ऐसे में इस बार भी अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला और अन्य वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नामों का चयन किए जाने की संभावना जताई जा रही है. विशेष रूप से एससी आयोग और अल्पसंख्यक आयोग में होने वाली नियुक्तियों को सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

जल्द जारी हो सकती है पहली सूची

सूत्रों के मुताबिक, सरकार के स्तर पर अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अंतिम मंजूरी के बाद पहली सूची कभी भी जारी की जा सकती है. इसके बाद अन्य रिक्त पदों पर भी चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां होंगी. इन नियुक्तियों के साथ प्रदेश के कई आयोग, बोर्ड और निगम लंबे समय बाद पूर्ण रूप से सक्रिय हो सकेंगे. वहीं, राजनीतिक दृष्टि से भी इसे आगामी चुनावों से पहले भाजपा सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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