आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर TRE-4 को लेकर छात्रों के आंदोलन, उनकी मांगों और अन्य मुद्दों पर पहल करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज को अनदेखा न किया जाए.
तेजस्वी ने पत्र में लिखा है कि राज्य में सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे लाखों योग्य अभ्यर्थियों के बीच विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अत्यधिक विलंब, बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और परिणाम जारी होने में हो रही देरी को लेकर गहरा असंतोष और चिंता है.
तेजस्वी यादव ने पत्र में बताया कि हाल ही में उन्होंने पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आंदोलनरत छात्र-अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना. युवाओं के भविष्य और राज्य की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को मजूबत करने के लिए आपसे कुछ विषयों पर तुरंत व ठोस कार्रवाई की अपेक्षा है.
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तेजस्वी यादव ने कुल 9 बिंदुओं पर मुख्यमंत्री का ध्यान दिलाया
- TRE-4 एकल परीक्षा का आयोजन हो और ‘वन कैंडिडेट, वन रिजल्ट’ की नीति लागू की जाए.
- LET और BET परीक्षाओं का एक फिक्स्ड टाइमलाइन में नियमित आयोजन सुनिश्चित हो.
- BPSC (सिविल सेवा) मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ होने वाले भेदभाव को तुरंत समाप्त किया जाए.
- दारोगा, सिपाही, BSSC, BPSC सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए.
- पूर्व की विवादित परीक्षाओं की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों व भर्ती माफियाओं पर कठोर कार्रवाई हो.
- सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति, आयु सीमा में छूट, आरक्षण और डोमिसाइल नीति का कड़ाई से पालन व अतिथि सहायक प्राध्यापकों के सेवा-संरक्षण पर तत्काल न्यायसंगत निर्णय लिया जाए.
इसके अलावा पत्र में लिखा गया है कि BSSC इंटरमीडिएट, CGL, ASO, BSO, लाइब्रेरीयन और लेखपाल सहित सभी लंबित परीक्षाओं की तिथियां शीघ्र घोषित कर पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध किया जाए. सभी परीक्षाओं का एक’एनुअल एग्जाम कैलेंडर’ अनिवार्य रूप से जारी हो. राज्य के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता सुनिश्चित की जाए और शैक्षणिक सत्रों को नियमित किया जाए.
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