मैक्सिको के ड्रग माफिया ‘अल मायो’ जांबादा को अमेरिका में उम्रकैद, दशकों तक चलाया था सिनालोआ कार्टेल – ismael zambada sentenced to life imprisonment us sinaloa cartel drug trafficking ntcpvp


मैक्सिको के कुख्यात ड्रग तस्कर और सिनालोआ कार्टेल के प्रमुख नेताओं में शामिल इस्माइल ‘अल मायो’ जांबादा को अमेरिका की एक अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. 76 वर्षीय जांबादा को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित संघीय अदालत में सुनवाई के दौरान यह सजा सुनाई गई. अमेरिकी जिला न्यायाधीश ब्रायन कोगन ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए जीवनभर जेल में रहने का आदेश दिया.

जांबादा का नाम अमेरिका में सजा पाने वाले सबसे चर्चित मैक्सिकन ड्रग माफिया में शामिल हो गया है. इससे पहले 2019 में सिनालोआ कार्टेल के ही कुख्यात सरगना जोआक्विन ‘अल चापो’ गुजमैन को भी अमेरिका में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इस्माइल जांबादा ने अगस्त 2025 में अदालत के साथ एक प्ली डील (दोष स्वीकार करने का समझौता) किया था.

इसके तहत जांबादा ने कई दशकों तक बहुत भारी मात्रा में कोकीन की तस्करी करने और संगठित अपराध चलाने का अपराध स्वीकार किया. साथ ही रैकेटियरिंग साजिश और लगातार आपराधिक कारोबार चलाने सहित कई गंभीर आरोपों में खुद को दोषी माना था.

न्याय विभाग ने उस समय स्पष्ट किया था कि अगर जांबादा अपराध स्वीकार कर ले तो उसके खिलाफ मृत्युदंड की मांग नहीं की जाएगी. हालांकि, जिन धाराओं में जांबदा ने दोष स्वीकार किया, उनमें उम्रकैद की सजा अनिवार्य थी. इस्माइल जांबादा को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था.

वह जोआक्विन गुजमैन लोपेज, (अल चापो गुजमैन के बेटों में से एक) के साथ एक छोटे विमान से न्यू मैक्सिको के एक एयरस्ट्रिप पर पहुंचा था. वहीं अमेरिकी एजेंसियों ने दोनों को हिरासत में ले लिया था. बाद में गुजमैन लोपेज ने भी ड्रग तस्करी के आरोपों में खुद को दोषी स्वीकार कर लिया.

सजा से पहले जांबादा के वकील फ्रैंक पेरेज ने अदालत से अनुरोध किया कि उनके मुवक्किल की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए ऐसे संघीय कारागार में रखा जाए, जहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों. वकील ने अदालत को बताया कि जांबादा को पहले से ही पता था कि दोष स्वीकार करने के बाद उन्हें उम्रकैद की सजा मिलेगी. हालांकि, ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अभियोजकों ने इस मांग का विरोध किया. 

उनका कहना था कि जिन जेलों का सुझाव बचाव पक्ष ने दिया है, वहां जांबादा जैसे हाई-प्रोफाइल अपराधी की सुरक्षा और निगरानी तय करना मुश्किल हो सकता है. अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि जांबादा के प्रति वफादार लोग अब भी सिनालोआ कार्टेल पर प्रभाव रखते हैं और आशंका है कि वह जेल से भी आपराधिक गतिविधियों का संचालन करने की कोशिश कर सकते हैं.

गौरतलब है कि सिनालोआ कार्टेल दुनिया के सबसे शक्तिशाली और हिंसक ड्रग तस्करी संगठनों में गिना जाता है. इसका नेटवर्क कई देशों तक फैला हुआ है. वहीं, एल चापो गुजमैन फिलहाल अमेरिका के कोलोराडो स्थित एक उच्च सुरक्षा वाली जेल में अपनी उम्रकैद की सजा काट रहा है.
 

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