पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, राशनिंग भी शुरू… यूक्रेन की गहरी चोट से कराह रहा रूस – Ukraine drone strikes Russian refineries Putin also admits fuel deficit ntc rmxk


रूस और यूक्रेन बीच जंग अभी भी जारी है. इस कड़ी में यूक्रेन ने रूस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं. इन हमलों में रूस की दो बड़ी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया. ये हमले ऐसे समय हुए, जब मॉस्को ने तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने और ईंधन आयात करने की योजना की घोषणा की है.

यूक्रेन के ताजा हमलों के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार स्वीकार किया कि देश में ईंधन की कुछ कमी पैदा हो गई है.
दरअसल, ये ड्रोन हमले यूक्रेन की उस रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें वह रूस के सैन्य और ऊर्जा ढांचे को लंबी दूरी से निशाना बना रहा है. इसका उद्देश्य मॉस्को की युद्ध क्षमता के लिए राजस्व और संसाधनों को कमजोर करना है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा,हमारे ड्रोन्स ने रूस की दो तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया.हर हमला रूस की युद्ध मशीन के लिए संसाधनों को कम करता है और शांति की दिशा में एक कदम है.

इस बीच यूक्रेन के ताजा हमलों के कारण रूस में फ्यूल सप्लाई बाधित होने की रिपोर्ट्स हैं. कुछ इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. कुछ जगहों पर राशनिंग भी लागू करनी पड़ी है.

इधर, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के हमले समाज में विभाजन पैदा करने और रूस को युद्ध रोकने के लिए मजबूर करने की कोशिश हैं. हम उन्हें यह मौका नहीं देंगे. उन्होंने दावा किया कि इन हमलों का युद्ध के मोर्चे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

पुतिन ने पहली बार यह भी कहा कि यूक्रेन ने कुछ हमलों को रोकने का प्रस्ताव दिया था. कीव ने यह पेशकश इसलिए रखी, क्योंकि उसे पता है कि रूस के हमले अधिक विनाशकारी हैं. यूक्रेन ने लड़ाई को केवल उन चार क्षेत्रों तक सीमित करने का सुझाव दिया था जिन्हें रूस ने कब्जे में लिया है- डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसोन और जापोरिज्जिया. हालांकि, इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया.

दक्षिणी रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में रिफाइनरी में यूक्रेनी ड्रोन के गिराए गए मलबे से आग लग गई. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और एक अन्य घायल हो गया.

यह रिफाइनरी दक्षिणी रूस की प्रमुख तेल प्रसंस्करण इकाइयों में से एक है. यह हर साल लगभग 4 मिलियन टन कच्चे तेल का रिफाइन करती है. यह काला सागर के बंदरगाहों के माध्यम से ईंधन निर्यात के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.
 

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