‘पुलिस-प्रशासन खुद को न्यायपालिका समझने लगा है’, सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण पर भड़के सांसद बर्क – sambhal mp ziaur rahman bark opposes SAHARNPUR mosque madrasa actions religious freedom NTC AKTW


उत्तर प्रदेश के संभल जिले से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मस्जिदों और मदरसों को लेकर हो रही कार्रवाई पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि संभल समेत देश और प्रदेश में मस्जिद, मदरसे और कब्रिस्तान को निशाना बनाया जा रहा है. ये धार्मिक आजादी पर हमला है. उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए.

सांसद बर्क ने कहा कि अगर किसी मस्जिद या धार्मिक जगह को लेकर शिकायत आती है तो प्रशासन को जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं करनी चाहिए. डीएम और एसडीएम की कोर्ट अंतिम फैसला देने वाली अदालत नहीं है. इसके ऊपर भी न्यायपालिका है. इसलिए जब तक मामले में अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.

बर्क ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई संविधान के खिलाफ है. ये धार्मिक आजादी से जुड़ा गंभीर मामला है.

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बर्क ने संभल की बाबा बाहउद्दीन मस्जिद से जुड़ी शिकायत का भी जिक्र किया. दरअसल, इस मामले में मस्जिद की जमीन को लेकर शिकायत की गई है. शिकायत में दावा किया गया है कि मस्जिद एएसआई की देखरेख वाली जामा मस्जिद की संपत्ति पर बनी है.

बर्क ने कहा कि ऐसे मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए. उन्होंने जल्दबाजी में कार्रवाई किए जाने का विरोध किया.

सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर जताई आपत्ति

सांसद ने सहारनपुर में मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई से एक दिन पहले मस्जिद को नहीं गिराने का भरोसा दिया गया था. इसके बावजूद कार्रवाई कर दी गई.

बर्क ने बाद में वहां कुआं दिखाए जाने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कुआं किसी धर्म का प्रतीक नहीं है. पहले लोग कुएं से पानी लेते थे. इसलिए इसे किसी धर्म से जोड़ना सही नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दों का इस्तेमाल एक समुदाय को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है.

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बर्क ने किसी मामले को लेकर जाने वाले डेलिगेशन को रोके जाने पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का जनता के बीच जाना गलत नहीं है. सरकार किसी भी पार्टी की हो, जनप्रतिनिधि लोगों से मिलकर उनकी बात सुनते हैं.

उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधि जनता से बात नहीं करेंगे तो कौन करेगा. बर्क ने प्रशासन के इस रवैये को हठधर्मिता बताया.

सांसद ने कहा कि वह मस्जिद, मदरसे और कब्रिस्तान से जुड़े मामलों में हो रही कार्रवाई का विरोध करते हैं. उन्होंने सरकार और प्रशासन से कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की. साथ ही कहा कि किसी भी मामले में अंतिम न्यायिक फैसला आने से पहले जल्दबाजी में कदम नहीं उठाया जाना चाहिए.
 

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