‘अंधभक्तों की रक्षा कैसे करेगा अमेरिका…’, ईरान के सुप्रीम लीडर की अमेरिका को खरी-खरी – Iran Mojtaba Khamenei trump US America Bases Security ntc rttm


अमेरिका और ईरान की तनातनी के बीच सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का एक बयान सामने आया है. ईरान के सुप्रीम लीडर ने अमेरिका की सैन्य ताकत पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि जिन अमेरिकी सैन्यअड्डों के पास अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता नहीं है, वे दूसरों की सुरक्षा का दावा कैसे कर सकते हैं?

सुप्रीम लीडर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वेस्ट एशिया में सैन्य शक्ति और राजनीतिक प्रभाव को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है. ऐसे में मोजतबा का कहना कि जब अमेरिकी सैन्यअड्डे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, वे उन देशों की रक्षा कैसे करेंगे, जो उन पर निर्भर है या जो अमेरिका को पूजते हैं. 

वैश्विक स्तर पर खामेनेई के इस बयान को एक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी अब पहले जैसी प्रभावशाली नहीं रह गई है और क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा के लिए बाहरी शक्तियों पर निर्भर रहने के बजाय खद सक्षम बनना चाहिए. उन्होंने उन देशों की भी आलोचना की, जो सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के लिए अमेरिका पर अत्यधिक निर्भर हैं.

बता दें कि बीते कुछ वर्षों में अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लगातार तनावपूर्ण रहे हैं. परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध, क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी है. इसी पृष्ठभूमि में ईरानी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश करता रहा है कि अमेरिकी प्रभाव घट रहा है और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बदल रहा है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह अमेरिकी दबाव से प्रभावित नहीं है और अपनी सुरक्षा क्षमताओं पर भरोसा रखता है. हालांकि, दूसरी ओर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिकी सैन्य उपस्थिति अभी भी महत्वपूर्ण है. अमेरिका के कई सैन्यअड्डे पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में मौजूद हैं.

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