मुंबई में NRI के लॉकर से 82 लाख के सोने के गहने गायब, बैंक का डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार – mumbai kandivali bank locker nri 82 lakh gold jewellery theft deputy manager arrested pvzs


मुंबई के कांदिवली में एक निजी बैंक के लॉकर से 82 लाख रुपये के सोने के गहने गायब होने का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने बैंक लॉकर में रखे NRI के सोने के गहनों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और उन्हें अलग-अलग गोल्ड मॉर्गेज फर्मों के पास गिरवी रख दिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट यानी आपराधिक विश्वासघात का केस दर्ज किया है.

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शिकायत करने वाले व्यक्ति की उम्र 72 साल है और वह पिछले पांच दशक से ज्यादा समय से अपने परिवार के साथ दुबई में रह रहे हैं. उनका मुंबई में एक निजी बैंक में अकाउंट है और कांदिवली में उनका एक फ्लैट भी मौजूद है. इसी बैंक की कांदिवली शाखा में उन्होंने अपना लॉकर लिया था. लंबे समय तक विदेश में रहने की वजह से वह नियमित रूप से लॉकर चेक नहीं कर पाए.

शिकायतकर्ता ने मार्च 2024 में बैंक के लॉकर में करीब 610 ग्राम सोने के गहने रखे थे. उस समय इन गहनों की अनुमानित कीमत करीब 81.8 लाख रुपये थी, जो बाद में करीब 82 लाख रुपये बताई गई. करीब दो साल बाद जब वह मुंबई आए और बैंक की शाखा में जाकर लॉकर चेक किया, तो उनके होश उड़ गए. लॉकर में रखा पूरा सोना गायब था और इसकी जानकारी उन्होंने बैंक अधिकारियों से मांगी.

बैंक से पूछताछ के बाद भी जब सोने के गहनों के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली, तो शिकायतकर्ता ने पुलिस का रुख किया. उन्होंने 12 अगस्त को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद कांदिवली पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की. चूंकि गहने करीब दो साल पहले लॉकर से गायब हुए थे, इसलिए पुलिस के सामने पुरानी CCTV फुटेज हासिल करना एक बड़ी चुनौती थी.

जांच के दौरान पुलिस ने बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ की और लॉकर से जुड़े पुराने रिकॉर्ड खंगाले. जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता के लॉकर को बैंक की ओर से डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी ने उपलब्ध कराया था. पुलिस को इस जानकारी के बाद साहनी की भूमिका पर शक हुआ. इसके बाद जांच टीम ने उसके पिछले दो साल के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से पड़ताल शुरू की.

डीसीपी की निगरानी में पुलिस टीम ने आरोपी के बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की. जांच में पता चला कि पिछले दो वर्षों के दौरान उसके बैंक खाते से करीब 9 करोड़ रुपये तक के लेनदेन हुए थे. पुलिस के मुताबिक, इन ट्रांजैक्शन का बड़ा हिस्सा ऐसी कंपनियों के साथ था, जो सोने को गिरवी रखकर लोन या मॉर्गेज का कारोबार करती हैं. इससे पुलिस का शक और मजबूत हो गया.

पुलिस ने उन सभी कंपनियों से संपर्क किया, जिनके साथ आरोपी के वित्तीय लेनदेन सामने आए थे. जांच टीम ने इन फर्मों से साहनी द्वारा गिरवी रखे गए सोने के गहनों की तस्वीरें मांगीं. तस्वीरों की जांच के दौरान पुलिस को ऐसे गहने दिखाई दिए, जो शिकायतकर्ता के लॉकर में रखे गहनों से मेल खाते थे. इसके बाद पुलिस ने इन गहनों की पहचान और बरामदगी की कार्रवाई शुरू की.

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए शिकायतकर्ता के सोने के गहनों को बरामद कर लिया. इसके साथ ही कुलदीप साहनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक, FIR दर्ज होने के महज चार दिन के भीतर आरोपी तक पहुंचने और गहने बरामद करने में सफलता मिली. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में उसके साथ कोई और व्यक्ति या बैंक कर्मचारी भी शामिल था या नहीं.

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