Guru Nakshatra Parivartan 2026: देवगुरु बृहस्पति की तीखी चाल! 3 राशियों का बैंक अकाउंट हो जाएगा खाली – guru ashlesha nakshatra transit 19 august 2026 zodiac signs precautions tvisg


Guru Nakshatra Parivartan 2026: वैदिक ज्योतिष में सुख, समृद्धि, ज्ञान और भाग्य के कारक माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति 19 अगस्त यानी आज पुष्य नक्षत्र से निकलकर बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में अश्लेषा नक्षत्र को अति-संवेदनशील और तीखे बदलावों वाला नक्षत्र माना जाता है.

गुरु ज्ञान और विस्तार के कारक हैं, जबकि बुध बुद्धि और व्यापार के. जब गुरु बुध के नक्षत्र में आते हैं, तो कई बार व्यक्ति की निर्णय क्षमता में भ्रम (confusion), जल्दबाजी और वित्तीय मामलों में गलतियां होने की संभावना बढ़ जाती है. गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन 3 राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता है.

मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, जिनके नक्षत्र अश्लेषा में गुरु प्रवेश कर रहे हैं. यह गोचर आपके द्वितीय (धन व वाणी) भाव को प्रभावित करेगा. अपनी वाणी पर कड़ा नियंत्रण रखें. आपके बोले गए शब्दों का गलत मतलब निकाला जा सकता है, जिससे पारिवारिक या व्यावसायिक संबंधों में खटास आ सकती है. लेन-देन के मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें. धन हानि और बजट बिगड़ने के योग हैं.

धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं. गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाना आपके अष्टम (संकट व अचानक बदलाव) भाव को प्रभावित कर सकता है. बनते हुए कार्यों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं. सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें, विशेषकर खान-पान और पेट से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दें. शेयर बाजार या किसी भी जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह दूर रहें. बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है.

मीन राशि (Pisces)
मीन राशि के स्वामी भी गुरु ग्रह ही हैं. अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव आपके पंचम भाव और बौद्धिक क्षमता पर पड़ सकता है. विद्यार्थियों और व्यापारियों को एकाग्रता की कमी का सामना करना पड़ सकता है. कोई भी बड़ा फैसला भावनाओं में बहकर न लें. संतान पक्ष से कोई चिंताजनक खबर मिल सकती है. अनचाहे खर्चों के कारण पारिवारिक बजट बिगड़ सकता है.

अशुभ प्रभावों से बचने के ज्योतिषीय उपाय

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और विष्णु सहस्रनाम या ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें.

– गुरुवार को किसी गरीब या मंदिर में चने की दाल, हल्दी, या पीले वस्त्रों का दान करें.

– बृहस्पतिवार के दिन गाय को चने की दाल और गुड़ मिलाकर रोटी खिलाएं.

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