ट्रंप को घेरने की डेमोक्रेट्स की नई रणनीति, महाभियोग के बजाय अब इस प्लान पर फोकस – us Democrats plan investigations againts Trump not impeachment if they win House ntc drmt


अमेरिकी संसद (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में दोबारा अपनी सरकार बनाने की उम्मीद में जुटी डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ा प्लान बनाया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अगर आने वाले चुनाव में डेमोक्रेट्स को जीत मिलती है, तो वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग नहीं चलाएंगे. इसके बजाय, वो ट्रंप सरकार, उनकी कंपनियों और उनके बिजनेस पार्टनर्स की जांच करेंगे.

सीनियर डेमोक्रेटिक नेताओं और समिति सलाहकारों ने इसके लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है. इसके तहत, ट्रंप के पॉलिटिकल और कमर्शियल दायरे से जुड़ी संस्थाओं से रिकॉर्ड हासिल करने के लिए सुनवाई, समन और दस्तावेजों की मांग जैसे विधायी अधिकारों का खुलकर इस्तेमाल किया जाएगा.

डेमोक्रेट्स का मानना है कि सीधे व्हाइट हाउस से टकराने के बजाय उससे जुड़ी प्राइवेट कंपनियों और वित्तीय सलाहकारों की जांच करना ज्यादा असरदार साबित होगा. 

पार्टी के एक वरिष्ठ सलाहकार ने बताया, ‘हम महाभियोग चलाने के मकसद से काम शुरू नहीं कर रहे हैं. कोई भी पहले ही दिन असफल वोट नहीं चाहता. सबसे ज्यादा ध्यान जांच के जरिए ऐसे सबूत जुटाने पर है, जिससे ट्रंप को जवाबदेह ठहराया जा सके.’

इन कंपनियों पर कसेगा शिकंजा

डेमोक्रेट्स ने पाया है कि व्हाइट हाउस कार्यकारी शाखा से जुड़ी जानकारियों को दबाने या नजरअंदाज करने की कोशिश कर सकता है. इसलिए सरकार के साथ काम करने वाले ठेकेदारों, वित्तीय फर्मों और कॉरपोरेट कंपनियों के जरिए जानकारी जुटाना सबसे सही रास्ता होगा.

वार्ता से जुड़े तीन सूत्रों के मुताबिक, एप्पल, अल्फाबेट, पलांटिर, ब्लैकस्टोन, ब्लैकरॉक और एलन मस्क की टेस्ला जैसी दिग्गज कंपनियों के नाम शुरुआती चर्चाओं में सामने आए हैं. इन कंपनियों के पास सरकारी अनुबंध हैं या वो रेगुलेटरी जांच के दायरे में हैं. हालांकि, अभी तक कोई आखिरी लिस्ट या जांच शुरू नहीं हुई है.

ट्रंप जूनियर की फर्म और विदेशी फंड भी जांच के रडार पर

डेमोक्रेट्स का प्लान होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के ठेकों, व्हाइट हाउस के नए बॉलरूम की फंडिंग और कॉरपोरेट दानदाताओं की जांच करने का है. इसके अलावा, ट्रंप की फैमिली से जुड़ी वित्तीय संस्थाओं- जैसे ‘1789 कैपिटल’ (जिसमें डोनाल्ड ट्रंप जूनियर पार्टनर हैं) और विदेशी सॉवरेन वेल्थ फंडों की इनवेस्टमेंट की भी जांच की जाएगी, ताकि ये पता लगाया जा सके कि क्या पद का गलत इस्तेमाल कर व्यक्तिगत लाभ लिया गया है.

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व्हाइट हाउस का पलटवार

इस मामले पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ‘कट्टरपंथियों के एजेंडे’ को नाकाम करने के लिए काम कर रहे हैं और वो कांग्रेस में रिपब्लिकन बहुमत बनाए रखने के लिए कमिटेड हैं. ट्रंप प्रशासन किसी भी निगरानी से जुड़ी अपील का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, चाहे हाउस या सेनेट में कोई भी दल क्यों न हो.

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