यूपी के कानपुर में नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (NSI) परिसर में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है. इस मामले में डायरेक्टर समेत पांच लोगों और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि परिसर में 600 से अधिक पेड़ों को बिना परमिशन के काटा और उखाड़ा गया.
एजेंसी के मुताबिक, यह मामला क्षेत्रीय वन अधिकारी राकेश पांडे की शिकायत के बाद दर्ज किया गया. शिकायत में कहा गया है कि संस्थान परिसर के गेट नंबर 5 के पास बिना अनुमति बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई.
एफआईआर में शुगर इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर सीमा पारोहा, प्राइवेट सिक्योरिटी कमांडर उदय प्रताप सिंह राठौर, एस्टेट ऑफिसर विनय कुमार, फार्म मैनेजर अशोक कुमार और एक लकड़ी व्यापारी कंपनी सहित कुछ अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है.
वन विभाग के अनुसार, पहले कर्मचारियों की शिकायतों के बाद मामला सामने आया. जब 27 मई को वन विभाग की टीम परिसर पहुंची तो सुरक्षा कर्मियों ने यह कहकर एंट्री से रोक दिया कि डायरेक्टर की परमिशन के बिना अंदर नहीं जाने दिया जा सकता.
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इसके बाद 2 जून को वन विभाग की टीम ने फिर से निरीक्षण किया, इस बार डायरेक्टर की मौजूदगी में जांच में अधिकारियों को ऐसे सबूत मिले, जिनसे पता चला कि पेड़ों की कटाई कई महीनों से चल रही थी और लकड़ी को रात के समय परिसर से बाहर ले जाया गया.
एफआईआर के अनुसार, कुल 655 बड़े पेड़ और 67 छोटे झाड़ीनुमा पौधे काटे गए. इनमें नीम, शीशम, यूकेलिप्टस, गुलमोहर, गूलर, सिरीस और बॉटल ब्रश जैसी प्रजातियां शामिल थीं.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को 377 ठूंठ मिले, जिन्हें लगभग छह महीने पुराना बताया जा रहा है. इसके अलावा लगभग 250 पेड़ों को जेसीबी मशीनों की मदद से उखाड़ने के संकेत भी मिले हैं. जांच में यह भी सामने आया कि परिसर में रखी गई कुछ लकड़ी 8 से 10 महीने पुरानी हो सकती है.
इस मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस विवाद के बाद NSI परिसर में बाहरी लोगों की एंट्री भी सीमित कर दी गई है.
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