Sawan 2026 Ashok Sundari: शिवलिंग में महादेव की पुत्री अशोक सुंदरी का स्थान कहां है? नाम लेने से दूर होती है गरीबी – sawan 2026 ashok sundari lord shiva daughter place in shivling shubh muhurt puja Vidhi upay tvisu


30 जुलाई से श्रावण मास आरंभ हो रहा है. इस पूरे महीने भगवान शिव के भक्त व्रत-पूजा से महादेव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद लेते हैं. खासतौर से सावन के सोमवार भगवान शिव के भक्त व्रत रखते हैं और शिवलिंग का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि का वरदान मांगते हैं. इस पूरे महीने भक्त महादेव के साथ-साथ उनके परिवार की भी संयुक्त पूजा करते हैं. लेकिन बहुत से भक्त सिर्फ महादेव की पत्नी पार्वती और दो बेटों गणेश व कार्तेकेय के बारे में ही जानते हैं. बहुत कम लोगों को यह बता होगा कि उनकी एक पुत्री भी है. धार्मिक ग्रंथों में इनका नाम अशोक सुंदरी बताया गया है.

कौन हैं अशोक सुंदरी?
पुराणों के अनुसार, अशोक सुंदरी भगवान शिव और माता पार्वती की पुत्री हैं. उनका संबंध अशोक वृक्ष से होने के कारण उन्हें ये नाम मिला था. ऐसी मान्यता है कि उनकी आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में व्याप्त दुख, मानसिक चिंता और आर्थिक कठिनाइयों में कमी आती है. साथ ही परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है. कहते हैं कि माता पार्वती ने अपना अकेलापन दूर करने के लिए कल्पवृक्ष से एक पुत्री की इच्छा जताई थी.

शिवलिंग में होता है अशोक सुंदरी का स्थान
आपने शिवलिंग पर सैकड़ों, हजारों बार जल चढ़ाया होगा. लेकिन शायद आपको ये मालूम ही नहीं होगा कि शिवलिंग में एक स्थान अशोक सुंदरी का भी होता है. शिवलिंग से अभिषेक का जल जिस मार्ग से बाहर निकलता है, उसे गोमुख कहा जाता है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार इसी गोमुख भाग में अशोक सुंदरी का निवास माना गया है. यही कारण है कि जब शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है तो वह जल गोमुख से होकर प्रवाहित होता है.

अशोक सुंदरी की पूजन विधि?
सबसे पहले शुद्ध जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें. इसके बाद गोमुख वाले भाग पर भी श्रद्धा से जल अर्पित करें. फिर शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाने के साथ गोमुख स्थान पर भी चंदन अर्पित करें. भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प और माला अर्पित करने के बाद गोमुख के समीप भी श्रद्धा से पुष्प और बेलपत्र चढ़ाएं. इसके बाद घी का दीपक प्रज्वलित करें और अशोक सुंदरी का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना व्यक्त करें. अंत में श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का जाप करें.

अशोक सुंदरी की पूजा से मिलने वाले लाभ
ऐसी मान्यताएं हैं कि विधि-विधान से अशोक सुंदरी की पूजा करने पर आर्थिक उन्नति के नए मार्ग खुल सकते हैं. व्यापार और नौकरी में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है. धन संबंधी बाधाओं में राहत मिलती है. इसके अलावा परिवार में प्रेम और सौहार्द बना रहता है, मानसिक तनाव कम होता है और घर में सुख-शांति का वातावरण स्थापित होता है. जो लोग लंबे समय से आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनके लिए भी इनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है.

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