ट्रंप के सीजफायर के बाद ईरान का पहला बड़ा हमला, जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें – iran ballistic missile attack us military base jordan trump strikes pause ntc rlch


अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर बड़ी सैन्य हलचल देखने को मिली है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कूटनीति का अवसर देने के लिए सैन्य अभियानों को रोकने के कुछ ही दिनों बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे अचानक किए गए हमले की कोशिश बताया है. CENTCOM के मुताबिक, सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया. तत्काल किसी के हताहत होने या नुकसान की सूचना नहीं है. कमांड ने बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने मंगलवार शाम 5:45 बजे ईस्टर्न टाइम पर मिसाइलें दागीं. अमेरिकी बल सतर्क हैं और पूरी तरह तैयार हैं.

ईरान का ताजा मिसाइल हमला जॉर्डन को निशाना बनाकर किया गया, जहां इसी महीने की शुरुआत में मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए थे. इस घटना के बाद ट्रंप ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर 13 रातों तक हमले किए थे. इसके साथ ही यह हमला ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में मुलाकात के कुछ घंटे बाद हुआ. बैठक में ईरान से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हुई. व्हाइट हाउस ने इस बैठक को सकारात्मक और सार्थक बताया.

बता दें कि एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अच्छी बातचीत चल रही है और समझौते की अच्छी संभावना है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर बातचीत विफल रही तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर देगा.

लाल सागर में सऊदी तेल टैंकर पर हूतियों का मिसाइल हमला

इस बीच, यमन के हूतियों ने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है. ईरान समर्थित इस संगठन ने इसे सऊदी अरब के खिलाफ हाल में घोषित समुद्री नाकेबंदी को लागू करने की कार्रवाई बताया. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि टैंकर ने नाकेबंदी का उल्लंघन किया और चेतावनी दिए जाने के बावजूद रास्ता बदलने से इनकार किया. इसके बाद उसे अपना मार्ग बदलने के लिए मजबूर किया गया.

एक अन्य घटना में ब्रिटेन की समुद्री व्यापार संचालन एजेंसी (UKMTO) ने बताया कि दक्षिणी लाल सागर से गुजर रहे एक टैंकर के कप्तान ने विस्फोट की आवाज सुनने की सूचना दी. एजेंसी के अनुसार, जहाज और उसके चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने या पर्यावरण को नुकसान की खबर नहीं है. हालांकि, यह तुरंत पुष्टि नहीं हो सकी कि विस्फोट का संबंध हूतियों के कथित हमले से था या नहीं.

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