उत्तर प्रदेश के बांदा से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक टेबल फैन में उतरे करंट ने एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की जिंदगी छीन ली. पहले खेलते-खेलते ढाई साल का मासूम पंखे की चपेट में आ गया. उसे बचाने दौड़ी पांच साल की बहन भी करंट की चपेट में आ गई. दोनों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम छा गया.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. बताया जा रहा है कि बारिश के कारण आई नमी की वजह से टेबल फैन में करंट उतर आया था. इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ.
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खेलते-खेलते हुआ दर्दनाक हादसा
दरअसल, यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव की है. मृतक बच्चों के पिता बच्चू दिहाड़ी मजदूर करते हैं और मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं. उनके चार बच्चे हैं.
परिजनों के मुताबिक, ढाई वर्षीय शनि घर में खेलते-खेलते टेबल फैन के संपर्क में आ गया. फैन में करंट होने के कारण वह उससे चिपक गया और खुद को छुड़ा नहीं सका.
छोटे भाई को तड़पता देख पांच वर्षीय बहन प्रियांशी उसे बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आकर फैन से चिपक गई.
अस्पताल पहुंचने से पहले बुझ गई दोनों की जिंदगी
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले बिजली की सप्लाई बंद की और दोनों बच्चों को फैन से अलग किया.
गंभीर हालत में दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया. इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
दो मासूम सगे भाई-बहन के शव जब गांव पहुंचे तो हर आंख नम हो गई. पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
पुलिस ने शुरू की जांच
एएसपी मेविस टॉक ने बताया कि 17 जुलाई को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के तिंदवारा गांव से सूचना मिली थी कि दो सगे भाई-बहन घर के अंदर टेबल फैन से करंट लगने के कारण झुलस गए हैं.
पुलिस के अनुसार दोनों बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
फिलहाल पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है. वहीं यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में बिजली के उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और समय-समय पर उनकी जांच की जरूरत की याद दिलाता है.
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